Mukesh Mishra
श्वेता जी, ‘मनमोहिनी’ सचमुच में आपमें निरंतर बनी रहने वाली अद्भुत जिजीविषा का ही परिणाम है । आपने एक कलाकार के रूप में सौंदर्यशास्त्रीय चेतना के साथ हमेशा ही अपने भीतर की रचनात्मकता को जो सक्रियताभरी अर्थपूर्ण दिशा देने का प्रयास किया है – उसका प्रतिफल इस रूप में मिलना ही था । आपकी कला-यात्रा को नए नए पड़ावों तक पहुँचता देख कर मैं वास्तव में बहुत आश्वस्त हूँ |

